Monday, 23 June 2014

SLS the time of writing

तुमने मेरा काल क्यों नही रिसीव किया ?

बस ऐसे ही कुछ लिख रहा था।

तुमने तो बताया था कि तुम मेरे और तुम्हारे बारे मे ही कु लिखने वाले हो,

हाँ वही लिख रहा था।

तो क्या तुमको मुझसे बात करने से ज्यादा मेरे बारे मे लिखना अच्छा लगता है?

जब मै लिखता हूँ लगता है तुम लफ्जों मे ढल कर मेरे पास बैठी रहती हो, ये सेल फोन पर बातें करना मुझे तुमसे दूरी का एहसास कराता है।

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